हिजड़ा (संज्ञा)
वह व्यक्ति जिसमें पुरुष या स्त्री दोनों में से किसी के भी चिन्ह न हों।
पिठवन (संज्ञा)
एक लता जो दवा के काम में आती है।
मुक्ति (संज्ञा)
किसी प्रकार के जंजाल, झंझट, पाश, बंधन आदि से मुक्त होने की क्रिया।
सेंधमार (संज्ञा)
सेंध लगाकर चोरी करने वाला।
कछुआ (संज्ञा)
एक जन्तु जिसकी पीठ पर ढाल की तरह का कड़ा कवच होता है।
नियमानुसार (क्रिया-विशेषण)
विधान या नियमों के अनुरूप, अनुमत या मान्यता प्राप्त।
ऊँट (संज्ञा)
एक ऊँचा चौपाया जो सवारी ओर बोझ लादने के काम आता है और अधिकतर रेगिस्तान में पाया जाता है।
आहार (संज्ञा)
खाने (या पीने) के काम आने वाली वस्तु जिससे शरीर को ऊर्जा मिले और शारीरिक विकास हो।
प्राचीन (विशेषण)
इस समय से पहले का या जो पूर्व काल से संबंधित हो।
लज्जित करना (क्रिया)
किसी को ऐसी बात कहना कि उसे लज्जा महसूस हो।