खजाना (संज्ञा)
उत्कृष्ट या बहुमूल्य वस्तुओं का संग्रह।
मीठा (संज्ञा)
विशेष प्रकार से बनी हुई खाने की मीठी चीज़।
समुद्र (संज्ञा)
खारे पानी की वह विशाल राशि जो चारों ओर से पृथ्वी के स्थल भाग से घिरी हुई हो।
झरना (संज्ञा)
ऊँचे स्थान से गिरने वाला जलप्रवाह।
वेश्या (संज्ञा)
धन लेकर संभोग करने वाली स्त्री।
चौराहा (संज्ञा)
वह स्थान जहाँ चार रास्ते मिलते हों।
सौगंध (संज्ञा)
अपने कथन की सत्यता प्रमाणित करने के उद्देश्य से ईश्वर, देवता अथवा किसी पूज्य या अतिप्रिय व्यक्ति, वस्तु आदि की दुहाई देते हुए दृढ़तापूर्वक कही हुई बात।
इंसानियत (संज्ञा)
मनुष्य होने की अवस्था या भाव।
रीति-रिवाज (संज्ञा)
वह विचार, प्रथा या क्रम जो बहुत दिनों से प्रायः एक ही रूप में चला आया हो।
सिंह (संज्ञा)
बिल्ली के वर्ग में सबसे अधिक बलवान हिंसक जंगली जन्तु जिसके नर की गर्दन पर बड़े-बड़े बाल होते हैं।