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हिन्दी शब्दकोश से अरत्नि शब्द का अर्थ तथा उदाहरण पर्यायवाची एवम् विलोम शब्दों के साथ।

अरत्नि   संज्ञा

१. संज्ञा / निर्जीव / वस्तु / शारीरिक वस्तु
    संज्ञा / भाग

अर्थ : कन्धे से पंजे तक का वह अंग जिससे चीजें पकड़ते और काम करते हैं।

उदाहरण : गाँधीजी के हाथ बहुत लंबे थे।
भीम की भुजाओं में बहुत बल था।

पर्यायवाची : आच, कर, बाँह, बाज़ू, बाजू, बाहु, भुजा, शबर, सारंग, हस्त, हाथ

A human limb. Technically the part of the superior limb between the shoulder and the elbow but commonly used to refer to the whole superior limb.

arm

மனித உடலுறுப்புகளில் ஒன்று.

தன் கையே தனக்கு உதவி
கை
२. संज्ञा / निर्जीव / वस्तु / शारीरिक वस्तु
    संज्ञा / भाग

अर्थ : बाँह के बीच का वह जोड़ जहाँ से हाथ और कलाई मुड़कर ऊपर उठती है।

उदाहरण : गिरने से उसकी कुहनी छिल गयी है।

पर्यायवाची : अरत्निक, कील, कुहनी, कोहनी, भुजामध्य

Hinge joint between the forearm and upper arm and the corresponding joint in the forelimb of a quadruped.

articulatio cubiti, cubital joint, cubitus, elbow, elbow joint, human elbow

மனித உடலுறுப்புகளில் ஒன்று.

மரத்திலிருந்து விழுந்ததால் அவன் முழங்கை முறிந்தது
முழங்கை
३. संज्ञा / निर्जीव / वस्तु

अर्थ : मीमांसाशास्त्र के अनुसार एक नाप।

उदाहरण : पूर्वकाल में अरत्नि से यज्ञ की वेदी नापी जाती थी।

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